महत्वपूर्ण प्रश्न ( व्यावसायिक हिंदी ,VOC – Hindi, BA -5th Semester KUK )

इकाई 1 ▪️राजभाषा : अर्थ, परिभाषा और प्रकृति ( स्वरूप ) ▪️राजभाषा हिंदी की व्यावहारिक कठिनाइयाँ ▪️राजभाषा का अर्थ व हिंदी की वर्तमान स्थिति ▪️भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची ▪️राजभाषा अधिनियम, 1963 ▪️राजभाषा संकल्प 1968 ▪️राजभाषा अधिनियम, 1976 ▪️राजभाषा आयोग

राजभाषा का अर्थ व हिंदी की वर्तमान स्थिति

राजभाषा का अर्थ : राजभाषा वह भाषा होती है जिसका प्रयोग किसी देश या राज्य के सरकारी काम-काज, प्रशासन और कार्यालयी कार्यों में किया जाता है। भारत के संघ की राजभाषा हिंदी है और इसके साथ अंग्रेजी का भी सरकारी कार्यों में प्रयोग होता है। राजभाषा का उद्देश्य सरकारी काम को सरल, स्पष्ट और लोगों … Read more

भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची

भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची हमारे देश की सरकारी और जरूरी भाषाओं से जुड़ी है, जिसका मुख्य काम भारत की अलग-अलग भाषाओं को कानूनी पहचान देना है। इससे जुड़े आसान बिंदु नीचे दिए गए हैं: निष्कर्षआठवीं अनुसूची हमें यह सिखाती है कि भारत में भले ही कितनी भी भाषाएँ हों, वे सब हमारे देश का … Read more

राजभाषा हिंदी की व्यावहारिक कठिनाइयाँ

राजभाषा हिंदी के व्यावहारिक प्रयोग में मुख्य रूप में निम्नलिखित कठिनाइयां सामने आती है जो इसके प्रशासनिक और दैनिक कामकाज में पूर्ण विकास को रोकती हैं | हालांकि हिंदी को देश की राजभाषा का दर्जा मिला हुआ है फिर भी सरकारी कार्यालयों, न्यायालयों और तकनीकी क्षेत्रों में इसे पूरी तरह लागू करने में कई व्यावहारिक … Read more

हिंदी निबंध :उद्भव एवं विकास

आधुनिक हिंदी गद्य साहित्य में ‘निबंध’ सबसे महत्वपूर्ण और लोकप्रिय विधा है। ‘निबंध’ शब्द दो शब्दों के मेल से बना है— ‘नि’ + ‘बंध’, जिसका अर्थ है— “भली-प्रकार से बँधी हुई रचना।”साहित्य में निबंध उस गद्य रचना को कहते हैं जिसमें लेखक किसी विषय पर अपने निजी विचारों, अनुभवों और भावनाओं को एक व्यवस्थित, तार्किक … Read more

वस्तुनिष्ठ प्रश्न ( Hindi Major BA -2nd Semester KUK )

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम ‘मध्यकालीन हिंदी कविता’ (B23 -HIN-201) के आधार पर महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न-उत्तर कबीरदास सूरदास गोस्वामी तुलसीदास मीराबाई घनानंद रसखान बिहारी हिंदी साहित्य का आदिकाल काव्यशास्त्र: काव्य, गुण, तत्त्व, शब्द-शक्ति

वस्तुनिष्ठ प्रश्न ( AEC Hindi BA -2nd Semester KUK )

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम ‘हिन्दी भाषा एवं सम्प्रेषण: मौखिक सम्प्रेषण Level-II’ (B23-AEC-HIN-221) के आधार पर महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न-उत्तर इकाई – 1: सम्प्रेषण के तत्व और प्रकार इकाई – 2: श्रवण प्रक्रिया और नोट बनाना इकाई – 3: हिंदी उच्चारण और शब्दावली इकाई – 4: प्रस्तुति और साक्षात्कार कौशल

वस्तुनिष्ठ प्रश्न ( Hindi Minor BA -2nd Semester KUK )

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के ‘राजभाषा हिन्दी: प्रावधान और प्रयोग’ (B23-HIN-202) पाठ्यक्रम के आधार पर इकाई-1: राजभाषा: परिभाषा और स्वरूप इकाई-2: संवैधानिक व्यवस्था और नियम इकाई-3: वैज्ञानिक, तकनीकी विकास और अनुवाद इकाई-4: राजभाषा हिन्दी के विविध पक्ष

वस्तुनिष्ठ प्रश्न ( AEC Hindi, BA -4th Semester KUK )

व्यक्तित्व विकास (Personality Development) नेतृत्व और प्रेरणा (Leadership & Motivation) लक्ष्य और सफलता (Goal & Success) टीमवर्क और संवेगात्मक बुद्धि (Teamwork & Emotional Intelligence) मूल्य और शिष्टाचार (Values & Etiquette) समय प्रबंधन (Time Management) तनाव प्रबंधन (Stress Management) विविध महत्वपूर्ण प्रश्न

हिंदी पत्रकारिता की वर्तमान समस्याएँ व समाधान

हिंदी पत्रकारिता की वर्तमान समस्याएँ 1. फेक न्यूज़ और भ्रामक सूचनाएँ: इंटरनेट और सोशल मीडिया के दौर में फेक न्यूज़ का तेज़ी से फैलना सबसे बड़ी समस्या है। यह समाज में नफरत और ध्रुवीकरण बढ़ाती है, जिससे पत्रकारिता की साख और विश्वसनीयता पूरी तरह नष्ट हो रही है। बिना जाँचे ख़बरों को वायरल करने की … Read more

हिंदी पत्रकारिता की वर्तमान प्रवृत्तियाँ

हिंदी पत्रकारिता की वर्तमान प्रवृत्तियाँ 1. डिजिटल और वेब पत्रकारिता का विस्तार वर्तमान में सूचनाओं का डिजिटल होना हिंदी पत्रकारिता का सबसे बड़ा तकनीकी बदलाव है। अब समाचार पत्र ‘डिजिटल फर्स्ट’ रणनीति अपना रहे हैं, जहाँ खबरें पहले वेबसाइट या ऐप पर दी जाती हैं और प्रिंट अख़बार में बाद में आती हैं। वेब-पत्रिकाओं और … Read more

हिंदी के प्रमुख पत्र

1. उदन्त मार्तण्ड — यह हिंदी का प्रथम समाचार पत्र है, जिसका प्रकाशन 30 मई 1826 को कलकत्ता से साप्ताहिक रूप में शुरू हुआ था। इसके संपादक पंडित जुगल किशोर शुक्ल (युगुल किशोर सुकुल) थे। ‘उदन्त मार्तण्ड’ का शाब्दिक अर्थ है ‘उगता हुआ सूर्य’। इसी ऐतिहासिक पत्र के शुरू होने की याद में हर वर्ष … Read more

हिंदी के प्रमुख सम्पादक

1. पंडित युगल किशोर सुकुल या जुगल किशोर शुक्ल पंडित युगल किशोर सुकुल को हिंदी पत्रकारिता का आदि-संपादक (प्रथम संपादक) माना जाता है। उन्हें जुगल किशोर शुक्ल के नाम से भी जाना जाता है | वे मूल रूप से कानपुर के निवासी थे, लेकिन उन्होंने कर्मभूमि कलकत्ता (अब कोलकाता) को बनाया। 30 मई 1826 को … Read more

वस्तुनिष्ठ प्रश्न ( हिंदी पत्रकारिता,VOC – Hindi, BA -6th Semester KUK )

1. ‘उदन्त मार्तण्ड’ का प्रकाशन कब और कहाँ से हुआ?उत्तर- इसका प्रकाशन 30 मई, 1826 को कलकत्ता (अब कोलकाता) से साप्ताहिक रूप में प्रारंभ हुआ था।2. उदन्त मार्तण्ड पत्र के संपादक कौन थे?उत्तर- उदन्त मार्तण्ड के संपादक पं० जुगल किशोर शुक्ल थे, जो मूल रूप से कानपुर के निवासी थे।3. उदन्त मार्तण्ड का शाब्दिक अर्थ … Read more

भेंटवार्ता का अर्थ, प्रकार व उद्देश्य

भेंटवार्ता (साक्षात्कार): अर्थ, प्रकार और उद्देश्य पत्रकारिता और जनसंचार की दुनिया में समाचार और फीचर के बाद ‘भेंटवार्ता’ सबसे लोकप्रिय और प्रभावी विधा है। इसे हिंदी में ‘साक्षात्कार’ भी कहा जाता है। परीक्षा की दृष्टि से भेंटवार्ता का अर्थ, इसके प्रकार और उद्देश्यों का सरल व विस्तृत विवरण नीचे दिया गया है: भेंटवार्ता (साक्षात्कार) का … Read more

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