कबीर ( संपादक : हजारी प्रसाद द्विवेदी ) भाग 1 ( पद संख्या 185 से 209 )
पद : 185 कैसे दिन कटिहै जतन बताये जड्यो, एहि पार गंगा ओहि पार जमुना, बिचवाँ मडड्या हमकाँ छवाये जइयो । अँचरा फरिके कागज़ बनाइन, अपनी सुरतिया हियरे लिखाये जइयो। कहत कबीर सुनो भाई साधो, बहियाँ पकरिके रहिया बताये जड्यो। व्याख्या : इस पद में जीवात्मा अपने प्रियतम परमात्मा से विनती करती है कि आपके … Read more