पद्मावत : मानसरोदक खण्ड ( मूल व व्याख्या / Padmavat : Mansarodak Khand ( Mool Evam Vyakhya )
पद 1 मूल:एक देवस कौनिउं तिथि आई । मानसरोदक चली अन्हाई ।पद्मावति सब सखीं बोलाइ । जनु फुलवारि सबै चलि आईं ।कोइ चंपा कोइ कुंद सहेलीं । कोइ सुकेत करना रस बेलीं ।कोइ सुगुलाल सुदरसन राती । कोई बकौरि बकचुन विहंसाती ।कोई सु बोलसरि पुहुपावती । कोइ जाही जूही सेवती ।5।कोइ सोनजरद जेउं केसरि । … Read more