◼️ पृथ्वी की दो प्रकार की गतियां होती हैं – घूर्णन ( Rotation ) एवं परिक्रमण ( Revolution ) |
🔹 पृथ्वी का अपने अक्ष पर घूमना घूर्णन या परिभ्रमण ( Rotation ) कहलाता है |
🔹 पृथ्वी का सूर्य के चारों ओर गति करना परिक्रमण (Revolution ) कहलाता है |
◼️ पृथ्वी का अक्ष एक काल्पनिक रेखा है जो इसके कक्षीय सतह से 66° 30′ का कोण बनाती है |
◼️ वह समतल जो कक्ष के द्वारा बनाया जाता है, उसे कक्षीय समतल कहते हैं |
◼️ पृथ्वी अपने अक्ष पर 24 घंटे में एक चक्कर पूरा करती है पृथ्वी के घूर्णन काल को पृथ्वी का दिन कहते हैं | यह पृथ्वी की दैनिक गति है |
◼️ ग्लोब पर वह वृत जो दिन और रात को विभाजित करता है उसे ‘प्रदीप्ति वृत्त’ कहते हैं |
⚫️ परिक्रमण : पृथ्वी की दूसरी गति परिक्रमण गति कहलाती है जो सूर्य के चारों ओर एक निश्चित कक्षा में होती है |

🔹 पृथ्वी 365 1/4 दिन में सूर्य का एक चक्कर लगाती है |यह पृथ्वी का 1 वर्ष है इसलिए इस गति को वार्षिक गति भी कहते हैं परंतु सुविधा के लिए हम 1 वर्ष 365 दिन का मानते हैं | हर 4 वर्ष बाद एक दिन फरवरी के मास में जोड़ दिया जाता है | ऐसे वर्ष को लीप का वर्ष ( Leap Year ) कहते हैं | ऐसे वर्ष में कुल 366 दिन तथा उस वर्ष फरवरी माह में 29 दिन होते हैं |
⚫️ उत्तरायन : वर्ष में 6 माह सूर्य उत्तर दिशा में गति करता है, इसे उत्तरायन कहते हैं | यह प्रक्रिया 22 दिसंबर से शुरू होकर 21 जून तक चलती है |
🔹 उत्तरी गोलार्ध का सबसे बड़ा दिन 21 जून होता है |
⚫️ दक्षिणायन : वर्ष में 6 माह सूर्य दक्षिण दिशा में गति करता है, इसे दक्षिणायन कहते हैं | यह प्रक्रिया 21 जून से शुरू होकर 22 दिसंबर तक चलती है |
🔹 दक्षिणी गोलार्ध का सबसे बड़ा दिन 22 दिसंबर होता है |
▪️ 21 मार्च वह 23 सितंबर को दिन-रात बराबर होते हैं |
▪️ 21 मार्च वह 23 सितंबर को विषुवत वृत्त पर सूर्य की किरणें सीधी पड़ती हैं | इस स्थिति को ‘विषुव’ कहा जाता है |
▪️ 23 सितंबर को उत्तरी गोलार्ध में शरद ऋतु होती है जबकि दक्षिणी गोलार्ध में वसंत ऋतु होती है | 21 मार्च को स्थिति इसके विपरीत होती हैं |
▪️ गर्मी में ऑस्ट्रेलिया में क्रिसमस का त्यौहार मनाया जाता है |
▪️ 21 जून को कर्क रेखा पर सूर्य की किरणें सीधी पड़ती हैं |
यह भी देखें
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