एक सफल वक्ता में निम्नलिखित गुण होने चाहिएँ :
(1) आत्मविश्वास: एक सफल वक्ता अपनी बात को पूरे विश्वास के साथ रखता है। यह आत्मविश्वास श्रोताओं को प्रभावित करता है और उनकी नज़रों में वक्ता की विश्वसनीयता बढ़ाता है।
(2) स्पष्टता: वह अपनी बात को साफ और सरल तरीके से व्यक्त करता है, ताकि हर श्रोता आसानी से समझ सके। जटिल शब्दों या अस्पष्टता से बचना उसकी खासियत होती है।
(3) सहानुभूति: एक अच्छा वक्ता श्रोताओं की भावनाओं और ज़रूरतों को समझता चाहिए। उसे उनके दृष्टिकोण से सोचकर अपनी बात को उनके अनुकूल बनाना चाहिए है।
(4) प्रभावशाली आवाज़: उसकी आवाज़ में उतार-चढ़ाव, सही टोन और जोश होना चाहिए | इससे श्रोताओं का ध्यान आकर्षित होता है और भाषण रोचक बनता है।
(5) ज्ञान और तैयारी: सफल वक्ता अपने विषय पर गहरा ज्ञान रखता है और भाषण से पहले अच्छी तैयारी करता है। यह उसे आत्मविश्वास प्रदान करता है और उसके भाषण को प्रामाणिक बनाता है।
(6) शारीरिक भाषा: वह अपने हाव-भाव, आँखों के संपर्क और मुद्राओं का सही इस्तेमाल करता है। यह उसके संदेश को और प्रभावी बनाता है।
(7) अनुकूलनशीलता: एक अच्छा वक्ता वही है जो परिस्थितिओं और श्रोताओं के मिजाज के अनुसार अपने भाषण को ढाल सकता है। चाहे अप्रत्याशित सवाल हों या माहौल बदल जाए, वह लचीलापन दिखाता है।
ये गुण एक वक्ता को न केवल सफल बनाते हैं, बल्कि श्रोताओं के दिल और दिमाग पर गहरी छाप भी छोड़ते हैं।