ई-मेल ( E-mail ) : अर्थ, परिभाषा और प्रक्रिया

ई-मेल इलेक्ट्रॉनिक मेल का संक्षिप्त रूप है | इसमें नेटवर्क द्वारा एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर तक शीघ्र ही सूचना का संचार किया जाता है | इस प्रकार भेजी गई सूचना को दूसरे कंप्यूटर पर पढ़ा जा सकता है व उसको सुरक्षित रखा जा सकता है | आवश्यकता पड़ने पर उस सूचना का मुद्रण भी … Read more

कबीर की सामाजिक चेतना ( Kabir Ki Samajik Chetna )

कबीरदास जी भक्ति काल की निर्गुण भक्ति धारा के प्रमुख कवि माने जाते हैं | यद्यपि वे मुख्यतः संत हैं तथापि उनकी वाणी में काव्यत्व के सभी गुण मिलते हैं | उनकी काव्य में भक्ति परक पदों के साथ-साथ सामाजिक चेतना का का स्वर भी दिखाई देता है | जाति प्रथा, भेदभाव, छुआछूत, मूर्ति पूजा … Read more

महत्त्वपूर्ण प्रश्न ( बी ए प्रथम सेमेस्टर – हिंदी )

(1) यह प्रश्न व्याख्या से सम्बंधित होगा जिसके अंतर्गत विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित पाठ्य-पुस्तक ‘मध्यकालीन काव्य कुंज’ से चार पद्यांश व्याख्या के लिए दिए जाएंगे | परीक्षार्थी को किन्हीं दो की सप्रसंग व्याख्या करनी होगी | यह प्रश्न 12 ( 6+6 ) अंक का होगा | (i) कबीरदास के पदों की व्याख्या ( बी ए – … Read more

साहित्य अकादमी पुरस्कार

हिमतरंगिनी (काव्य) –माखनलाल चतुर्वेदी ( 1955 ई० ) पद्मावत संजीवनी व्याख्या (टीका/व्याख्या) –वासुदेवशरण अग्रवाल – 1956 ई० बुद्ध धर्म दर्शन– आचार्य नरेंद्र देव–1957 ई० मध्य एशिया का इतिहास (इ०) — राहुल सांकृत्यायन–1958 ई० संस्कृति के चार अध्याय (नि०) — ‘दिनकर’ — 1959 ई० कला और बूढा चाँद (काव्य) – पंत — 1960 ई० भूले-बिसरे चित्र … Read more

रक्खा पहलवान का चरित्र-चित्रण ( मलबे के मालिक )

‘मलबे का मालिक’ मोहन राकेश द्वारा रचित एक प्रसिद्ध कहानी है जो हम भारत-पाकिस्तान के विभाजन की त्रासदी का मार्मिक चित्रण करती है | गनी मियां के बाद रक्खा पहलवान इस कहानी का दूसरा सर्वाधिक महत्वपूर्ण पात्र कहा जा सकता है | संपूर्ण कहानी रक्खा और गनी के चरित्रों के इर्द-गिर्द ही घूमती है | … Read more

मलबे का मालिक कहानी में यथार्थबोध

‘मलबे का मालिक’ कहानी मोहन राकेश द्वारा रचित एक प्रसिद्ध कहानी है | यह कहानी भारत-पाक विभाजन की त्रासदी का मार्मिक वर्णन करती है | प्रस्तुत कहानी तात्कालिक जीवन की यथार्थ अभिव्यक्ति कही जा सकती है | प्रस्तुत कहानी जहां एक तरफ भारत विभाजन के समय फैली सांप्रदायिक हिंसा और संवेदनहीनता का वर्णन करती है … Read more

गनी का चरित्र-चित्रण ( मलबे का मालिक )

‘मलबे का मालिक’ मोहन राकेश द्वारा रचित एक सुप्रसिद्ध कहानी है | यह कहानी भारत-विभाजन की त्रासदी का मार्मिक चित्रण करती है | गनी ‘मलबे का मालिक’ कहानी का सर्वाधिक महत्वपूर्ण पात्र कहा जा सकता है | वह एक बूढ़ा व्यक्ति है | भारत के विभाजन के समय वह पाकिस्तान चला गया था | उसका … Read more

मधूलिका का चरित्र-चित्रण ( पुरस्कार )

मधूलिका जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित कहानी ‘पुरस्कार’ की सर्वाधिक प्रमुख पात्र है | उसे कहानी की नायिका कहा जा सकता है | यदि कहानी की विषय-वस्तु तथा मुख्य भाव को ध्यान में रखा जाये तो मधुलिका इस कहानी की सबसे प्रमुख पात्र है | उसके सामने कहानी का नायक गौण प्रतीत होता है | मधुलिका … Read more

हामिद का चरित्र-चित्रण

‘ईदगाह’ कहानी मुंशी प्रेमचंद की एक ह्रदय-स्पर्शी कहानी है | हामिद इस कहानी का केंद्रीय पात्र है | कहानी एक अनाथ बच्चे हामिद की बाल-सुलभ आकांक्षाओं, कल्पनाओं, आशाओं, जिज्ञासाओं से गुजरती हुई एक ऐसे अंजाम तक पहुंचती है जहां वह सभी बाल-सुलभ बातों को छोड़कर प्रेम और त्याग की एक ऐसी मिसाल प्रस्तुत करता है … Read more

महत्त्वपूर्ण प्रश्न ( बी ए चतुर्थ सेमेस्टर – हिंदी )

(1) इस प्रश्न में हिंदी की निर्धारित पाठ्य-पुस्तक ‘कथाक्रम’ में दी गई कहानियों में से चार गद्यांश दिए जायेंगे जिनमें से दो की सप्रसंग व्याख्या करनी होगी यह प्रश्न 12 ( 6+6 ) अंक का होगा — (i) ईदगाह : मुंशी प्रेमचंद ( Idgah : Munshi Premchand ) (ii) पुरस्कार ( जयशंकर प्रसाद ) (iii) … Read more

महत्त्वपूर्ण प्रश्न ( बी ए षष्ठ सेमेस्टर – हिंदी )

(1) प्रथम प्रश्न व्याख्या से सम्बंधित होगा जिसमें आपकी पाठ्य-पुस्तक ‘नव्यतर गद्य गौरव’ से चार अवतरण दिए जायेंगे जिनमें से कीन्हीं दो की सप्रसंग व्याख्या करनी होगी | यह प्रश्न 14 ( 7+7 ) अंक का होगा | (2) इस प्रश्न में दो गद्यकार दिए जाएंगे जिनमें से किसी एक का साहित्यिक परिचय लिखना होगा … Read more

महत्त्वपूर्ण प्रश्न ( बी ए द्वितीय सेमेस्टर – हिंदी )

प्रश्न – 1. व्याख्या — ध्रुवस्वामिनी ( जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित नाटक ) से अवतरित चार गद्यांशों में से किन्हीं दो की सप्रसंग व्याख्या करनी होगी | यह प्रश्न 12 ( 6+6 ) अंक का होगा | (2) ध्रुवस्वामिनी नाटक से निबंधात्मक प्रश्न ( दो में से एक करना होगा ) यह प्रश्न 8 अंक … Read more

रासो काव्य परंपरा ( Raso Kavya Parampara )

रासो काव्य परंपरा ( Raso Kavya Parampara ) को जानने से पूर्व ‘रासो’ शब्द की व्युत्पत्ति को जानना आवश्यक होगा | ‘रासो’ शब्द की व्यत्पत्ति ‘रासो’ शब्द की व्युत्पत्ति को लेकर विद्वान एकमत नहीं हैं | ‘रास’, ‘रासउ’, ‘रासु’, “रासह’ और ‘रासो’ आदि शब्द एक-दूसरे के पर्यायवाची शब्दों के रूप में प्रयुक्त होते रहे हैं। … Read more

फ्रायड का मनोविश्लेषणवाद ( Psychoanalysis )

‘मनोविश्लेषणवाद’ ( Psychoanalysis ) शब्द दो शब्दों के मेल से बना है — ‘मनोविश्लेषण’ तथा ‘वाद’ | ‘मनोविश्लेषण’ का सामान्य अर्थ है – मानव मन का विश्लेषण करना तथा ‘वाद’ का अर्थ है – पद्धति या सिद्धांत | अतः मनोविश्लेषणवाद ( Psychoanalysis ) वह पद्धति है जिसके द्वारा मानव-मन का विश्लेषण किया जाता है | … Read more

मार्क्सवादी आलोचना ( Marxist Criticism )

कार्ल मार्क्स ने जो सिद्धांत दिया उसका राजनीति के साथ-साथ साहित्य पर भी गहरा प्रभाव पड़ा | मूलत: कार्ल मार्क्स का सिद्धांत अर्थवादी है | इसलिए कुछ आलोचक मानते हैं कि मार्क्सवाद का साहित्य से कोई संबंध नहीं | लेकिन यह तर्कसंगत नहीं है क्योंकि साहित्य जीवन की ही अभिव्यक्ति है | दूसरे, मार्क्स ने … Read more

error: Content is proteced protected !!